Uttarakhand

देहरादून में फल- सब्जियों के दामों में आई गिरावट, दुकानों पर चस्पा हुई मूल्य सूची

मनमाने दाम वसूलने वालों पर कार्रवाई की तैयारी में मंडी समिति

देहरादून। बरसात की आड़ में फल-सब्जियों के दामों में मुनाफाखोरी चल रही है। इसकी शिकायत पर अब प्रशासन सख्त हो गया है। मंडी समिति को फल-सब्जियों के बाजार भाव पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी दी गई है। फल-सब्जियों के दामों में मनमानी करने वालों और दुकान के बाहर रेट लिस्ट न लगाने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

राजधानी देहरादून में जिला प्रशासन की ओर से सब्जियों के फुटकर मूल्य निर्धारित करने और छापे मारे जाने का असर दिखने लगा है। सब्जियों की कीमतों में गिरावट दर्ज की जाने लगी है। शुक्रवार को टमाटर 70 से 90 रुपये किलो तक पहुंच गया। जबकि, अदरक भी 150 से 180 रुपये किलो में बिका। वहीं, टीमों ने छापा मारकर मंडियों का निरीक्षण किया। साथ ही दुकानों, ठेली, रेड़ियों पर सब्जी की घोषित मूल्य सूची चस्पा कराई। देहरादून मंडी सचिव विजय थपलियाल ने बताया कि इन दिनों बरसात से मार्ग अवरुद्ध होने के कारण सब्जियों के दाम बढ़े हुए हैं। देहरादून और पहाड़ी क्षेत्रों में फिर भी अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा राहत है। दून में अधिकांश सब्जियां पहाड़ों से आती हैं। इसलिए यहां सब्जियों के थोक रेट अन्य इलाकों की अपेक्षा कम रहते हैं। इसका असर फुटकर बाजार पर भी पड़ता है। यहां सब्जियों में मुनाफाखोरी भी कम है, इसलिए रेट अन्य इलाकों से कम रहते हैं।

देहरादून कृषि मंडी सचिव विजय थपलियाल ने कहा सब्जियों को घोषित रेटों पर बिकवाने की कोशिश की जा रही है। दुकानों पर मूल्य सूची चस्पा की जा रही है। ताकि, ग्राहकों को लाभ मिल सके, नहीं मानने वालों पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।

थोक रेट एक समान, मुनाफाखोरी बढ़ाती रेट
सब्जियों के रेटों में असमानता के पीछे कारणों की पड़ताल करने पर मालूम चला कि सब्जियों के रेट थोक मंडियों में देहरादून और आसपास के शहरों में लगभग समान हैं, जबकि फुटकर रेटों में बड़ा अंतर है। पता चला कि टमाटर के अधिकतम थोक रेट दिल्ली-एनसीआर में भी 65 से 70 रुपये प्रति किलो के बीच हैं, लेकिन मुनाफाखोरी के कारण रेटों में जमीन आसमान का अंतर है। नई दिल्ली की आजादपुर मंडी में टमाटर का थोक रेट 65.20, गाजियाबाद में 60, मुजफ्फरनगर में 59.50 रुपये तक है।

वहीं मंडी समिति के सचिव विजय थपलियाल के नेतृत्व में मंडी समिति की टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में फल-सब्जियों की दुकानों का निरीक्षण किया। उन्होंने फल-सब्जियों के दामों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि मंडी समिति की ओर से दैनिक रेट लिस्ट जारी की जा रही है। रेट लिस्ट सभी विक्रेताओं को दुकान के बाहर चस्पा करना अनिवार्य है और उसी के अनुरूप फल-सब्जी का विक्रय करना होगा। मनमानी की शिकायत पर मंडी समिति की ओर से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि निरंजनपुर, लालपुल, सहारनपुर रोड आदि क्षेत्रों में दामों को लेकर निरीक्षण किया गया। बताया कि प्रशासन के निर्देश पर शहर की तमाम फुटकर मंडियों की निगरानी की जा रही है।

अफगानिस्तान से टमाटर खरीदने की तैयारी कर रही देहरादून मंडी समिति
टमाटर के दामों से आम लोगों को राहत देने के लिए देहरादून मंडी समिति अफगानिस्तान से टमाटर खरीदने की तैयारी कर रही है। इसके लिए समिति ने कर्नाटक के एक व्यवसायी से संपर्क किया है। अफगानिस्तान से 60 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से टमाटर खरीदा जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार से अनुमति ली जाएगी। दरअसल, उत्तराखंड के साथ ही पूरे देश में टमाटर के दाम आसमान छूं रहे हैं। बढ़ती कीमतों को देखते हुए कंज्यूमर अफेयर मिनिस्ट्री को भी इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा। देश के कई राज्यों में तो टमाटर सौ से तीन सौ रुपये किलो तक बिक रहा है। देहरादून में भी कुछ समय पहले तक टमाटर दो रुपये प्रति किलो तक बिका। हालांकि दून जिला प्रशासन ने लोगों को राहत देने का प्रयास किया है और दाम 80 से 110 रुपये प्रति किलो फिक्स किए हैं, लेकिन लगातार बारिश होने के कारण दामों में कमी की संभावना कम दिख रही है। ऐसे में मंडी समिति अफगानिस्तान से टमाटर खरीदने पर विचार कर कर रहा है।

60 रुपये प्रति किलो के हिसाब से होगी खरीद
सूत्रों की माने तो इसके लिए मंडी समिति की कर्नाटक के एक व्यवसायी से बात भी चल रही है। जो 60 रुपये प्रति किलो के हिसाब से अफगानिस्तान से टमाटर दिलाने की बात कह रहा है। हालांकि देश के बाहर से टमाटर खरीदने के लिए मंडी समिति को केंद्रीय उपभोक्ता मंत्रालय से अनुमति लेनी पड़ेगी। अनुमति मिलने के बाद ही इस पर आगे बढ़ा जाएगा। सचिव मंडी समिति विजय थपलियाल ने बताया कि इस मामले में केंद्रीय उपभोक्ता मंत्रालय से वार्ता की जाएगी।

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