Uttarakhand

श्री टपकेश्वर महादेव मंदिर के पास बहने वाली तमसा नदी का बढ़ा जलस्तर, मंदिर के अंदर तक घुसा पानी

देहरादून। उत्तराखंड में बारिश से नदियां उफान पर हैं। लगातार नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। सोमवार रात से शुरू हुई बारिश मंगलवार को भी जारी है। मौसम विभाग ने प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। सोमवार को हुई बारिश से तमसा नदी उफान पर है। इतना ही नहीं, पहाड़ों पर बारिश के कारण मैदानी इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। देहरादून में कल रात हुई भारी बारिश के कारण श्री टपकेश्वर महादेव मंदिर के पास बहने वाली तमसा नदी ने काफी नुकसान पहुंचाया है। नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि पानी मंदिर में प्रवेश कर गया है।

पानी मंदिर के अंदर घुसा और भारी तबाही मचाई है। मंदिर की सीढ़ियों पर पानी बह रहा है। तेज बहाव के कारण मंदिर की सीढ़ियों से लेकर मूर्तियों तक को क्षति पहुंची है। हालांकि, किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई है। बता दें कि भारी बारिश के चलते तमसा नदी का भी जलस्तर बढ़ गया है। भारी वर्षा देहरादून के कई क्षेत्रों में आफत बन गई है। भूस्खलन, बाढ़ से आपदा जैसे हालात बन गए हैं। खासकर सहस्रधारा और मालदेवता क्षेत्र में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है।

सहस्रधारा-चामासारी मार्ग पर भारी भूस्खलन के कारण करीब 50 मीटर सड़क ढह गई है। जिससे करीब एक दर्जन गांवों का संपर्क कट गया है। मालदेवता क्षेत्र में नदी के उफान और पहाड़ों से आ रहे मलबे के कारण छह परिवारों ने परिचितों के घरों में शरण ली है। सरखेत-सुवाखोली मार्ग बह गया है और विद्युत पोल गिरने से क्षेत्र की करीब 15 हजार आबादी अंधेरे में है।

सोमवार दोपहर में हल्की वर्षा के बीच सहस्रधारा से चामासारी जाने वाले मार्ग पर पहाड़ी दरक गई। जिससे सड़क का काफी बड़ा हिस्सा मलबे के साथ ढह गया। इससे करीब 250 मीटर सड़क को भारी नुकसान पहुंचा है। सेरा गांव के पूर्व प्रधान रतन जवाड़ी ने बताया कि वर्षाकाल में चामासारी मार्ग पर आए दिन भूस्खलन होता है और क्षेत्रवासियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

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