Uttarakhand

सात दिन में मालन नदी में डूब गये दो करोड़

देखें वीडियो, पानी का सैलाब कैसे बहा ले गया नये अस्थाई ह्यूम पुल को

मालन व खोह नदी के पुल टूटने से दर्जनों गांव प्रभावित

कोटद्वार। शहर और भाबर को जोड़ने वाला मालन नदी पर बना अस्थाई ह्यूम पाइप पुल भी भारी बरसात में बह गया। भाबर से कोटद्वार को जोड़ने वाला यह पुल 13 जुलाई को टूट गया था। इसके बाद लगभग दो करोड़ की लागत से ह्यूम पुल का निर्माण किया गया था। इस पुल पर 4 अगस्त को ही वाहन चलने शुरू हुए थे। लेकिन बुधवार की बरसात में यह पुल भी टूट गया। पुल पर कार्य कर रहे कई मजदूर भी फंस गये थे। इन मजदूरों को एसडीआरएफ ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

गौरतलब है कि कोटद्वार की नदियों में भारी खनन से मालन नदी का पुल 13 जुलाई को टूट गया था। इस पुल के टूटने से भाबर निवासी 40 साल के व्यक्ति की मौत भी हुई थी। करोड़ों की लागत से यह पुल 2010 में बना था। यही नहीं, 8/9 अगस्त की बारिश में खोह नदी पर गाड़ीघाट को सनेह समेत अन्य इलाकों को जोड़ने वाले पुल की एप्रोच रोड भी ध्वस्त हो गयी। इससे आवागमन बुरी तरह बाधित हो गया है। भारी बारिश से पनियाली, गिवईं, कमेड़ा स्रोत समेत मालन ,खोह व सुखरौ नदी में बाढ़ आने से बसों व कार के बहने के अलावा सड़कों,पुलों व खेतों को भारी नुकसान हुआ है।

लोगों के घरों में मलबा घुसने से अफरा तफरी मची हुई है। भू स्खलन से कोटद्वार-पौड़ी राजमार्ग भी कई जगह से बाधित जो रखा है। पुलिस प्रशासन के अलावा विभिन्न दल व सामाजिक संगठन राहत कार्य में जुटे हैं। मालन नदी पर बने ह्यूम पाइप पुल निर्माण को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं हैं। स्थानीय निवासी अजय कुकरेती नर ह्यूम पुल की जगह कल्वर्ट तकनीक से पुल बनाने की बात कही है। उनका कहना है कि रानीपोखरी में भी ह्यूम पुल का प्रयोग असफल साबित हुआ था।

 

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