सिकंदरा। बिहार के जमुई जिले में लछुआड़ थाना क्षेत्र के रवैय गांव के पास बरबांध आहर से मंगलवार को एक 40 वर्षीय व्यक्ति का शव बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान रवैय गांव निवासी राजो महतो के पुत्र मनोज महतो के रूप में हुई है। वह सोमवार शाम से लापता था। शव मिलने के बाद उसकी मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
परिजनों के मुताबिक, मनोज सोमवार की शाम घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। इसके बाद उसकी तलाश की जा रही थी। मंगलवार को बरबांध आहर में उसका शव मिलने की सूचना से परिवार में मातम छा गया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मनोज को शराब पीने की आदत थी और सोमवार शाम उसे बरबांध आहर की तरफ जाते देखा गया था। पुलिस को आशंका है कि नशे की हालत में आहर में गिरने से उसकी जान गई हो सकती है। हालांकि, परिजनों ने उसके चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान और खून के धब्बे होने की बात कही है। इस आधार पर उन्होंने उसके साथ मारपीट किए जाने और बाद में शव को आहर में फेंके जाने की आशंका जताई है।
फिलहाल, मौत की वजह को लेकर सामने आई दोनों आशंकाओं की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले की वास्तविक स्थिति जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
शव मिलने की सूचना पर लछुआड़ थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को आहर से बाहर निकलवाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जमुई भेज दिया गया।
लछुआड़ थानाध्यक्ष रूपेश कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बरबांध आहर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि शाम के समय यहां लोगों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। उन्होंने कथित अवैध शराब कारोबार पर रोक लगाने, पुलिस गश्त बढ़ाने और आहर के आसपास निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
मनोज महतो की मौत ने पूरे इलाके में चिंता बढ़ा दी है। अब पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट हो सकेगा कि उसकी मौत आहर में गिरने से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।

